महकना है जिंदगी तु चाहे जितने इम्तिहान ले लेना,दर्द लाखों मेरे दिल में भर देना ,हात किसी ने ऐसे थामा है,डगमगाते तो है ये कदम मेरे, एतबार है कि संभालनेवाला है। उडने की कोशिश में हजार बार गिरी हूँ,जख्म न जाने कितने मिले है,दर्द कितना ही सहा है, कल की उम्मीद में आज जीया है, उसी का सिला है, कोई हमदर्द मिला है।अब जो मिला है अनमोल है, नसीब को नसीब से जोड़ना है, इतनी शिद्दत से चाहा है कि सब खत्म, न कुछ बचा अब किसी ओर के लिए महकना है खुशबू बनकर हवाँओं में..... अनामिका (शारदा पवार कापूरे)

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जिंदगी

जिंदगी कौन सा रंग दिखा देजाने कब जिंदगी कौन सा रंग दिखा देजो पल मिला है उसी में जी ले.....मुसाफ़िर पल दो पल केओ राहगीर पल दो पल के ला दे थोड़ी सी हँसी किसी के लबों पर, दे दे खुशी जरा सी किसी के दिल को, इतनी सी है बात पर बहोत है ये खास ....... दर्द बाँट ले किसी का, जो तू बाँट सके,राह दिखा देना कभी भटके हुए को, इतना जो कर दे तु यहि तो है बंदगी..... अनामिका (शारदा पवार कापूरे)